इरफ़ान ख़ान: एक बहुमुखी कलाकार



53 साल की उम्र में जाते 
तो बहुत लोग हैं,
पर दुनिया का दिल जितना 
आपके जाने के गम में 
दुखा उतना कभी और 
नहीं हुआ,
तीस साल की ज़िन्दगानी 
रही आपकी फिल्मी 
जगत में,
और कुछ सालों का संघर्ष,
पर गए तो आंखें ऐसी 
नम हुई मानो कोई अपना 
बिछड़ गया हो;

आंखें नम थी पूरे 
देश की,
एक सितारा फिर आस्मा 
ने हमसे छीन लिया,
या यूँ कह लें कि आप 
अवकाश लेकर हमसे मिलने 
आये थे,
और दोबारा अपने घर को 
लौट गए;

क्या ही कहना आपके बारे में,
अब बोलकर फायदा 
भी क्या,
रहे जो नहीं आप इन 
चीजों को पढ़कर मुस्कुराने 
के लिए;

फिर भी कुछ पंक्तियां और 
ज़रूर लिखूंगा ,
कहीं पढ़ा था मैंने -
"माँ ने बुलाया और बेटा ना जाये ऐसा कहीं होता है क्या" 
और कहीं यह भी पढ़ा था कि 
"दुख ना झेल पाती इरफान की माँ उनके पहले जाने का इसीलिए इरफान ने यमराज को भी रोक कर रख लिया";

आदर्श बन गए आप 
जाते-जाते भी,
अपने जाने से पहले 'अंग्रेज़ी Medium' से सभी 
को हंसाया भी
और रुलाया भी,
कभी राणा तो 
कभी पी.आई. पटेल 
कभी अनेक किरदार बनकर 
दुनिया को ज़िन्दगी जीने का 
मतलब सिखाया भी;

इतनी जल्दी क्या थी, 
कि सबको छोड़ चले गए आप,
पर वो दुनिया कम से कम
हमारी दुनिया से तो 
अच्छी ही होगी,
वहाँ हर दूसरा इंसान तो 
नहीं होता होगा साँप ।
.
.
.
//साहबज़ादे इरफान अली खान//


He left us all of a sudden, even after fighting his disease till the very end 💔

Hope he lives in peace and his family stays happy !

RIP legend

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